प्राचीन भारतीय गणित का विस्तार तथा मौलिक उपयोग गणित में मौलिक संख्याओं के द्वारा वस्तुओं की गणना की संक्रिया के पश्चात् हर युग में उसका विस्तार होता रहा। पिछले परिच्छेद में कहा है कि उँगलियों को गिनने के लिये संख्याओं के मौलिक शब्द एक से दस तक ही हैं। इसके पश्चात् की अ…
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